इस मामले में अभी तक सात लोगों को हिरासत में लिए जा चुके हैं। दोनों बहनों के पिता ने आत्मदाह की कोशिश की। जारी वीडियो में पिता को खुद पर पेट्रोल छिड़कते और लोगों को उसे रोकता देखा गया है। लोग उनसे पूछ रहे थे कि क्या करने जा रहे हो।

इसके जवाब में दोनों बहनों के पिता ने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए। होली के मौके पर सिंध प्रांत के घोटकी जिले से 13 वर्षीया रवीना और 15 वर्षीया रीना का रसूखदार लोगों के गिरोह ने अपहरण कर लिया। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद देश भर में कोहराम मचा।

अगवा की गई दोनों बहनों के परिवार ने 20 मार्च को एफआइआर दर्ज कराया था। अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री इमरान खान को चुनावी वादा याद दिलाया है। प्रधानमंत्री ने चुनाव में जबरन धर्मांतरण बंद कराने का वादा किया था। प्रधानमंत्री ने मामले की जांच का आदेश दिया है।

जियो टीवी के मुताबिक, नाबालिग लड़कियों ने पंजाब प्रांत के बहावलपुर की एक कोर्ट से संरक्षण देने का अनुरोध किया है। टीवी की खबर में कहा गया है, 'पुलिस ने खानपुर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर शक है कि उसने लड़कियों का निकाह कराने में मदद की है।'

नेशनल असेंबली में प्रस्ताव लाएंगे पीटीआइ के हिंदू सांसद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआइ) के प्रतिष्ठित हिंदू सांसद रमेश कुमार वंकवानी ने कहा कि वह नेशनल असेंबली के अगले सत्र में जबरन धर्मांतरण खत्म करने की मांग करने वाला एक प्रस्ताव पेश करेंगे।

मसौदा प्रस्ताव कहता है, 'सिंध असेंबली ने 2016 में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया था, लेकिन चरमपंथी तत्वों के दबाव में इसे पलट दिया गया था। इस विधेयक को फिर से पेश किया जाना चाहिए और प्राथमिकता के आधार पर असेंबली में पारित करना चाहिए।'

भारत की विदेश मंत्री ने किया पुरजोर विरोध दो नाबालिग हिंदू बहनों के अपहरण, जबरन धर्मांतरण और शादी को लेकर भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के सूचना मंत्री फव्वाद चौधरी के बीच वाक युद्ध छिड़ गया था। स्वराज ने इस बाबत पाकिस्तान में भारतीय दूत से विवरण मांगा था।

और पाकिस्तानी मंत्री ने इसे घरेलू मामला कहा था। पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों में सबसे ज्यादा हिंदू पाकिस्तानी अल्पसंख्यक समुदाय में सबसे ज्यादा हिंदू हैं। सरकारी अनुमान के अनुसार देश में 75 लाख हिंदू रहते हैं। सबसे ज्यादा हिंदू सिंध प्रांत में हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले सिंध के उमेरकोट जिले में हर महीने 25 जबरन निकाह होते हैं।